Ola Electric बैटरी यूनिट में ₹2,000 करोड़ की हिस्सेदारी बेचकर करेगा विस्तार

Published at March 18, 2026 | By राकेश खंडेलवाल
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Ola Electric का मास्टरस्ट्रोक: ₹2,000 करोड़ जुटाने के लिए बेचेगी बैटरी आर्म की हिस्सेदारी, जानें क्या है भाविश अग्रवाल का पूरा प्लान

Ola Electric News: भारत की दिग्गज इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) एक बड़े फंडरेजिंग की तैयारी में है। अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने और विस्तार योजनाओं को रफ्तार देने के लिए कंपनी अपनी बैटरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, ओला सेल टेक्नोलॉजीज (OCT) में ₹2,000 करोड़ की हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है।

क्यों पड़ी ₹2,000 करोड़ की जरूरत?

ओला इलेक्ट्रिक इस फंड का उपयोग मुख्य रूप से अपनी गीगाफैक्ट्री (Gigafactory) की क्षमता बढ़ाने और घरेलू सेल उत्पादन को तेज करने के लिए करेगी। वर्तमान में तमिलनाडु के कृष्णगिरि में स्थित इस प्लांट की क्षमता 1.5 GWh है, जिसे चालू वित्त वर्ष के अंत तक बढ़ाकर 6 GWh करने का लक्ष्य है।

प्रमुख निवेश बैंकों को मिली जिम्मेदारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओला ने इस फंडरेजिंग प्रक्रिया के लिए निवेश बैंक एवेन्डस कैपिटल (Avendus Capital) और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज को नियुक्त किया है। इस स्टेक सेल (हिस्सेदारी बिक्री) से न केवल कंपनी को कैश मिलेगा, बल्कि ओला की बैटरी एसेट की सही मार्केट वैल्यूएशन भी तय हो सकेगी। इसमें सॉवरेन वेल्थ फंड जैसे बड़े वित्तीय निवेशकों के शामिल होने की संभावना है।

ओला सेल टेक्नोलॉजीज (OCT) क्यों है खास?

  1. भारत की पहली गीगाफैक्ट्री: यह ₹3,500 करोड़ के शुरुआती निवेश से बनी है और भारत को बैटरी आयात (Imports) पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी।
  2. इनोवेशन का केंद्र: कंपनी के पास 'बैटरी इनोवेशन सेंटर' (BIC) है, जहां 200 से अधिक रिसर्चर और पीएचडी होल्डर्स काम कर रहे हैं। इनके पास NMC, LFP और सॉलिड-स्टेट सेल जैसी तकनीकों में लगभग 400 पेटेंट हैं।
  3. भारत सेल (Bharat Cell): ओला ने '4680 फॉर्मेट' वाले भारत सेल विकसित किए हैं, जिन्हें कमर्शियल लेवल पर बनाया जा रहा है।
  4. PLI स्कीम का लाभ: कंपनी को सरकार की ए़डवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC) पीएलआई योजना के तहत 20 GWh का आवंटन प्राप्त है।

बिजनेस को पटरी पर लाने की कोशिश

यह कदम ऐसे समय में आया है जब वित्त वर्ष 2026 में ओला इलेक्ट्रिक की बिक्री में गिरावट देखी गई और एथर एनर्जी (Ather Energy), टीवीएस  और बजाज जैसे प्रतिस्पर्धियों ने इसे कड़ी टक्कर दी है। कंपनी अब अपनी सर्विस नेटवर्क सुधारने, उत्पाद की विश्वसनीयता बढ़ाने और ऑपरेशन्स को 'लीन' (Lean) बनाने पर ध्यान दे रही है।

इस संबंध में कंपनी के फाउंडर भाविश अग्रवाल का कहना है, "हमने कंपनी का नाम ओला ऑटो नहीं, बल्कि ओला इलेक्ट्रिक रखा है। हमारा विजन पूरी एनर्जी स्टोरेज सप्लाई चेन को बाजार में लाना है।"

सिर्फ स्कूटर ही नहीं, अब एनर्जी स्टोरेज पर भी नजर

ओला इलेक्ट्रिक केवल ईवी तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी ने रेजिडेंशियल बैटरी स्टोरेज सिस्टम 'शक्ति' (Shakti) लॉन्च किया है और जल्द ही कमर्शियल एनर्जी स्टोरेज सेगमेंट में भी उतरने वाली है। इससे सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों से उत्पन्न बिजली को स्टोर करना आसान होगा।

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