होंडा ने भारत में पहले साल 3,723 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे, अब आगे की तैयारी में जुटी

Published at February 20, 2026 | By अनिल यादव
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होंडा ने पहले साल में 3,723 एक्टिवा-ई और QC1 इलेक्ट्रिक स्कूटर्स बेचे 

भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया अपनी मजबूत पकड़ बनाने में अभी थोड़ा वक्त लग रहा है। फरवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच कंपनी ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर्स Honda Activa e और Honda QC1 की कुल 11,168 यूनिट्स का प्रोडक्शन किया है, लेकिन ग्राहकों को केवल 3,723 यूनिट ही डिलीवर किए हैं। मतलब साफ है कि डीलरशिप पर अभी भी काफी स्कूटर बिना बिके खड़े हैं। इसी वजह से कंपनी ने पिछले 6 महीनों से अपने इन दोनों मॉडलों का प्रोडक्शन रोक दिया है, ताकि पहले पुराना स्टॉक क्लियर हो सके। 
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों से पता चलता है कि होंडा ने पिछले साल डीलरों को 5,445 इलेक्ट्रिक स्कूटर भेजे। लेकिन डिस्पैच और रिटेल बिक्री के बीच काफी अंतर देखने को मिला है, जिसो साफ संकेत मिलता है कि फिलहाल इन इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की डिमांड उम्मीद के मुताबिक मजबूत नहीं रही। संभव है कि खरीदार अभी भी उन ब्रांडों को ज्यादा पसंद करते हैं, जो पहले से ही व्यापक चार्जिंग सुविधा और बाजार में खुद को साबित कर चुके इलेक्ट्रिक मॉडल पेश करते हैं।

QC1 परफॉर्मेंस में Activa-e से बेहतर

Honda Activa e

होंडा फिलहाल भारत में दो इलेक्ट्रिक स्कूटर बेच रही है – Honda Activa e और Honda QC1। इनमें से QC1 की बिक्री ज्यादा है, जिसकी सबसे बड़ी वजह है इसकी सुविधा। दरअसल, राइडर Honda QC1 को आप घर पर ही आसानी से चार्ज कर सकते हैं। शहरी इलाकों में रोजाना आने-जाने वाले यूजर्स के लिए यह काफी आसान और झंझट-फ्री ऑप्शन बन जाता है।

वहीं दूसरी तरफ, Activa e बैटरी-स्वैपिंग स्टेशनों पर निर्भर करती है। ये स्टेशन अभी मुख्य रूप से बेंगलुरु, दिल्ली और  मुंबई जैसे बड़े शहरों में ही उपलब्ध हैं। चूंकि बैटरी-स्वैपिंग नेटवर्क अभी सीमित है, इसलिए अन्य शहरों के ग्राहक इसे खरीदने में थोड़ा हिचकिचा सकते हैं। हालांकि बैटरी बदलने की प्रक्रिया सिर्फ कुछ ही मिनट लगते हों, लेकिन रोजाना इस्तेमाल करने वालों के लिए हर जगह इसकी उपलब्धता ज्यादा मायने रखती है।

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा

Honda QC1

इस बीच, होंडा के लिए इस सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है। टीवीएस मोटर, बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियों के इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की डिमांड मार्केट में ज्यादा है। इन कंपनियों का मजबूत डीलर नेटवर्क, आसान फाइनेंस/पेमेंट प्लान्स और प्रतिस्पर्धी कीमतें ज्यादा ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।  वहीं अब जापानी कंपनियां भी इस सेगमेंट में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। यामाहा मोटर कंपनी ने हाल ही में भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में एंट्री की है, जबकि सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया भी अपना इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च कर चुकी है। ऐसे में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते होंडा के लिए इस तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक स्कूटर मार्केट में अपनी मजबूत जगह बनाना और भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

पेट्रोल स्कूटर की मजबूत बिक्री से मिला समय

भले ही इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में होंडा को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन  पेट्रोल स्कूटर सेगमेंट में कंपनी अब भी मजबूत स्थिति में है। FY2026 के पहले 10 महीनों में कंपनी ने Activa और Dio समेत 25.88 लाख स्कूटर्स की बिक्री की है, जिससे होंडा  का मार्केट शेयर लगभग 39% बना हुआ है। यही मजबूत पकड़ Honda को अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल रणनीति को और बेहतर तरीके से तैयार करने का मौका देती है। बताया जा रहा है कि Honda भारतीय ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक नया इलेक्ट्रिक स्कूटर विकसित कर रही है, जो Activa e और QC1 की कमियों को दूर करेगा। माना जा रहा है कि इस नए मॉडल में बेहतर रेंज और फीचर्स दिए जा सकते हैं, साथ ही इसकी कीमत को प्रतिस्पर्धी रखने के लिए इसे ज्यादा लोकलाइज किया जाएगा। 

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