
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेक्टर की दिग्गज कंपनी जेलियो ई-मोबिलिटी (Zelio E-Mobility) ने दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली यूनिट स्थापित करने की घोषणा की है।
जेलिया ई-मोबिलिटी Zelio E-Mobility का नया प्लांट लगभग 39,000 वर्ग फुट में फैला होगा। इस सुविधा का उपयोग मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक स्कूटरों की असेंबली, स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स के लिए किया जाएगा।
कोयंबटूर सुविधा जेलियो ई-मोबिलिटी का चौथा विनिर्माण संयंत्र होगा। इससे पहले कंपनी के तीन प्लांट हरियाणा (लाडवा और पटान) और ओडिशा (कटक) में स्थापित हैं। कंपनी का मानना है कि दक्षिण भारत में ई-मोबिलिटी की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसे पूरा करने के लिए यह विस्तार जरूरी है।
कंपनी के एमडी कुणाल आर्या के अनुसार, "दक्षिण भारत Zelio के लिए एक प्रमुख विकास गलियारा है, जहां इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बढ़ती मांग और मजबूत बाजार क्षमता है। कोयंबटूर सुविधा इस क्षेत्र में हमारे विनिर्माण पदचिह्न को मजबूत करने, सप्लाई चेन को सुव्यवस्थित करने और हमारे डीलर नेटवर्क के विस्तार में सहायता करने के लिए एक रणनीतिक कदम है। इससे हम अपने ईवी समाधान तेजी से और अधिक कुशलता से वितरित कर पाएंगे।"
जेलियो ई-मोबिलिटी ने हाल ही में अपना ₹78.34 करोड़ का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) पूरा किया था। यह IPO 1.5 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी के शेयर 8 अक्टूबर 2025 को BSE पर ₹154.90 पर लिस्ट हुए थे, जो निर्गम मूल्य से 13.9% अधिक था।
कंपनी देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए दो मुख्य उत्पाद पेश करती है। पहला है Zelio ब्रांड के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (मुख्य रूप से स्कूटर), जो शहरी आवागमन को आसान और पर्यावरण-अनुकूल बनाते हैं। दूसरा है Tanga ब्रांड के ई-रिक्शा, जो लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और छोटी दूरी के परिवहन का किफायती साधन उपलब्ध कराते हैं।
कंपनी का डीलर नेटवर्क काफी मजबूत है। फिलहाल इसके 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 350 से अधिक आउटलेट हैं। कोयंबटूर प्लांट के शुरू होने से दक्षिण भारत में इस नेटवर्क के और विस्तार की उम्मीद है।
| फीचर | विवरण |
| नया प्लांट लोकेशन | कोयंबटूर, तमिलनाडु |
| प्लांट का आकार | 39,000 वर्ग फुट |
| उत्पादन शुरू होने की तिथि | जुलाई 2026 |
| कुल प्लांट (नए सहित) | 4 (हरियाणा, ओडिशा, तमिलनाडु) |
| डीलर नेटवर्क | 20+ राज्यों में 350+ आउटलेट |
| ब्रांड्स | Zelio (स्कूटर), Tanga (ई-रिक्शा) |
| H1 FY26 राजस्व | ₹134.78 करोड़ |
| IPO साइज | ₹78.34 करोड़ |
Zelio E-Mobility ने कोयंबटूर को ही क्यों चुना?
दक्षिण भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। कोयंबटूर एक औद्योगिक केंद्र है और यहां से पूरे दक्षिण भारत में सप्लाई चेन को आसानी से मैनेज किया जा सकता है।
क्या यह प्लांट सिर्फ असेंबली के लिए होगा या मैन्युफैक्चरिंग भी होगी?
यह सुविधा मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक स्कूटरों की असेंबली के साथ-साथ स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स के लिए होगी।
क्या इस विस्तार से नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे?
हां, नई सुविधा स्थापित होने से कोयंबटूर और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
क्या Zelio की बाइक्स सिर्फ दक्षिण भारत में ही बिकेंगी?
नहीं, कंपनी का पूरे भारत में 350 से अधिक डीलरशिप का नेटवर्क है। कोयंबटूर प्लांट विशेष रूप से दक्षिणी राज्यों (तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना) में सप्लाई को तेज करेगा, लेकिन बिक्री पूरे देश में होगी।
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