
Royal Enfield भारत में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है। रॉयल एनफील्ड अपनी उत्पादन क्षमता को 14.6 लाख से बढ़ाकर 20 लाख यूनिट प्रति वर्ष करने की तैयारी कर रही है, जो लगभग 37% की वृद्धि है । इसके लिए कंपनी एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने वाली है, साथ ही मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए ₹ 2,500 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
रॉयल एनफील्ड आंध्र प्रदेश के ताडा (तिरुपति के पास) में एक नई ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बनाने की प्लानिंग कर रही है, जिसमें लगभग ₹2,500 करोड़ का बड़ा निवेश किया जाएगा। यह कदम कंपनी की प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, यह प्रोजेक्ट अभी बोर्ड की औपचारिक मंज़ूरी पर निर्भर करता है, जिसके बाद ही आगे का प्रोसेस शुरू होगा ।
मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने से या उत्पादन क्षमता के लिए निवेश करने से अनेक लाभ होंगे।
रॉयल एनफील्ड कंपनी अपने तमिलनाडु के चेय्यार प्लांट का भी विस्तार कर रही है, जिसके लिए ₹958 करोड़ के निवेश को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। यह विस्तार FY2027-28 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद रॉयल एनफील्ड की कुल प्रोडक्शन कैपेसिटी सालाना 20 लाख यूनिट तक पहुंच सकती है।
फिलहाल, रॉयल एनफील्ड तमिलनाडु में चार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट चला रही है। इसके अलावा, ब्राज़ील, थाईलैंड, अर्जेंटीना, नेपाल, बांग्लादेश और कोलंबिया जैसे देशों में भी कंपनी की सात CKD असेंबली फैसिलिटी हैं।
रॉयल एनफील्ड जल्द ही Himalayan 750, Continental GT 750 और कुछ नई 450cc बाइक्स मार्केट में उतारने वाली है। प्लांट्स के विस्तार से कंपनी ज्यादा बाइक्स बना पाएगी, जिससे कस्टमर्स को बाइक जल्दी मिलेगी और लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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