
एक समय था जब ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) हर गली-मोहल्ले में अपना स्टोर खोलने की योजना बना रही थी, लेकिन अब कंपनी उलटी राह पर चल पड़ी है। बेंगलुरु बेस्ड इस इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी ने अपने फिजिकल स्टोर नेटवर्क को नाटकीय रूप से कम करने का फैसला किया है। मार्च के अंत तक कंपनी सिर्फ 550 आउटलेट्स के साथ काम करेगी, जो पिछले साल के 4,000 स्टोर्स के महत्वाकांक्षी लक्ष्य से बिल्कुल उलट है। आइए जानते हैं इस 'स्ट्रक्चरल रीसेट' की पूरी कहानी और इससे शेयर बाजार पर क्या असर पड़ने वाला है।
दरअसल, ओला इलेक्ट्रिक ने अपने शेयरहोल्डर्स को भेजे पत्र में माना है कि EV पेनेट्रेशन की रफ्तार धीमी हुई है और सर्विस एक्सीक्यूशन को मजबूत करने की जरूरत है। कंपनी ने साफ कहा है कि वह शॉर्ट-टर्म वॉल्यूम के लिए समझौता नहीं करना चाहती, बल्कि फंडामेंटल्स को ठीक करना चाहती है। यही वजह है कि दिसंबर 2025 तक कंपनी पहले ही अपने स्टोर्स की संख्या घटाकर 700 पर ले आई थी।
प्रमुख पैरामीटर | डिटेल | एनालिसिस (विश्लेषण) |
स्टोर काउंट (प्लान्ड) | 550 (मार्च 2026 तक) | पिछले साल 4000 स्टोर्स का प्लान था, जो अब सिर्फ 550 पर सिमट गया। यह बिजनेस री-स्ट्रक्चरिंग का सबसे बड़ा संकेत है। |
मार्केट शेयर (EV सेगमेंट) | 6.3% (जनवरी 2026) | एक साल पहले जहां 26% मार्केट शेयर था, वहीं अब यह गिरकर सिर्फ 6.3% रह गया है। यह गिरावट चिंता का विषय है। |
कुल डिलीवरी (Q3 FY26) | 32,680 यूनिट्स | पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 61% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। |
ऑपरेशनल रेवेन्यू | ₹470 करोड़ | सालाना आधार पर रेवेन्यू में 55% की गिरावट आई है, जो कमजोर डिमांड को दिखाता है। |
नेट लॉस (Q3 FY26) | ₹487 करोड़ | पिछले साल के ₹564 करोड़ के नुकसान के मुकाबले इसमें मामूली सुधार जरूर हुआ है। |
FPI होल्डिंग | 3.24% से बढ़ाकर 4.08% | अच्छी खबर यह है कि विदेशी निवेशकों (FPIs) ने दिसंबर तिमाही में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। |
शेयर का RSI (14-दिवसीय) | 23.8 | RSI 30 से नीचे होने का मतलब है कि स्टॉक ओवरसोल्ड (ज़्यादा बिका हुआ) है। टेक्निकली यह रिबाउंड के संकेत दे सकता है। |
यह 'रिट्रेंचमेंट' (सिकुड़न) की रणनीति बता रही है कि ओला अब "ग्रोथ एट एनी कॉस्ट" से हटकर "प्रॉफिटेबिलिटी और सस्टेनेबिलिटी" पर फोकस कर रही है। 4000 स्टोर्स से 550 स्टोर्स तक का सफर तय करना एक बड़ा बिजनेस लेशन (Business Lessons) है।
क्या ओला का स्टोर कम करने का यह फैसला सही है या यह कंपनी की कमजोर होती पकड़ को दिखाता है? क्या आपको लगता है कि शेयर ₹26 के लेवल से रिकवर करेगा? कमेंट में अपनी राय दें!
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