
भारत की इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रेंटल कंपनी बिजलीराइड (Bijliride) ने देशभर में अपने फ्रेंचाइजी नेटवर्क का विस्तार करने की बड़ी योजना बनाई है। कंपनी अगले 12 से 18 महीनों में अपने बेड़े (फ्लीट) को 4,000 से बढ़ाकर 10,000 से 15,000 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स तक पहुंचाने की तैयारी में है। यह विस्तार फ्रेंचाइजी आधारित मॉडल के जरिए किया जाएगा, जिसका लक्ष्य गिग वर्कर्स और लास्ट-माइल डिलीवरी ऑपरेटर्स हैं।
2020 में स्थापित इस स्टार्टअप के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा विस्तार अभियान है। कंपनी ने बताया कि वह मार्च 2027 तक 30 फ्रेंचाइजी पार्टनर्स को जोड़ने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस पहले चरण में हैदराबाद में पहले ही 6 नई फ्रेंचाइजी शामिल की जा चुकी हैं।
बिजलीराइड का विस्तार फ्रेंचाइजी ओन्ड–फ्रेंचाइजी ऑपरेटेड (FOFO) मॉडल के तहत होगा। इस मॉडल में स्थानीय पार्टनर फ्रेंचाइजी के स्वामित्व और संचालन की जिम्मेदारी लेंगे। Bijliride केंद्रीय तकनीकी ढांचा (टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर) और परिचालन ढांचा उपलब्ध कराएगी।
कंपनी का प्लेटफॉर्म रियल-टाइम व्हीकल ट्रैकिंग, फ्लीट परफॉर्मेंस एनालिटिक्स, रेंटल मैनेजमेंट सिस्टम, बैटरी प्रबंधन और मानकीकृत सर्विसिंग प्रक्रियाएं प्रदान करता है। यह सुनिश्चित करता है कि अलग-अलग शहरों में फ्रेंचाइजी की परिचालन गुणवत्ता एक समान बनी रहे।
Bijliride ने 25 से अधिक शहरों में विस्तार की योजना बनाई है। इनमें शामिल हैं:
चेन्नई, बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली एनसीआर, जयपुर, कोलकाता, अहमदाबाद, सूरत, कोच्चि, नागपुर, लखनऊ, भोपाल, इंदौर, पटना, भुवनेश्वर, रांची, गोवा, पांडिचेरी, मैसूर, वारंगल और अन्य।
कंपनी ने बताया कि इन शहरों का चयन लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर्स, गिग इकोनॉमी प्लेटफॉर्म और फ्यूल-बेस्ड ट्रांसपोर्ट के विकल्प तलाश रहे शहरी उपभोक्ताओं की मापी गई मांग के आधार पर किया गया है।
एक स्टैंडर्ड एंट्री-लेवल फ्रेंचाइजी में लगभग 50 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर शामिल होते हैं। इसके लिए अनुमानित निवेश ₹14–16 लाख (वाहन स्पेसिफिकेशन और स्थानीय बाजार की स्थितियों के अनुसार) है।
कंपनी के अनुमान के मुताबिक, स्थिर उपयोगिता (यूटिलाइजेशन) के साथ ब्रेक-ईवन की अवधि 12 से 15 महीने है। फ्रेंचाइजी पार्टनर्स को फ्लीट रेंटल और एंटरप्राइज मोबिलिटी टाई-अप्स से आवर्ती राजस्व (रिकरिंग रेवेन्यू) मिलेगा।
यह मॉडल उन उद्यमियों के लिए एक अवसर के रूप में पेश किया गया है जो बिना तकनीक या सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर खुद बनाए ईवी मोबिलिटी क्षेत्र में प्रवेश करना चाहते हैं।
Bijliride फ्रेंचाइजी पार्टनर्स को सिर्फ टेक्नोलॉजी ही नहीं, बल्कि:
जैसी सुविधाएं भी प्रदान करेगी। साथ ही, कंपनी फ्रेंचाइजी फ्लीट को गिग प्लेटफॉर्म, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और स्थानीय डिलीवरी बिजनेस से जोड़ने का काम करेगी। कंपनी का कहना है कि यह फ्रेंचाइजी के शुरुआती महीनों में वाहन उपयोगिता दर (यूटिलाइजेशन रेट) को मजबूत बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
Bijliride के सीईओ और सह-संस्थापक शिवम सिसौदिया के अनुसार, “भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की मांग तेजी से बढ़ रही है, खासकर गिग वर्कर्स और लास्ट-माइल डिलीवरी ऑपरेटर्स के बीच। इस समय हमारा फोकस अनुशासित विस्तार (डिसिप्लिन्ड स्केल) पर है। FOFO मॉडल हमें स्थानीय उद्यमियों के साथ साझेदारी करके जिम्मेदारी से बढ़ने की अनुमति देता है। यह संरचना हमें तेजी से विस्तार करने में सक्षम बनाती है, साथ ही यह सुनिश्चित करती है कि फ्लीट का कुशल प्रबंधन हो।”
FOFO मॉडल Bijliride को अपने पूंजी जोखिम (कैपिटल एक्सपोजर) को सीमित रखते हुए भौगोलिक पहुंच तेजी से बढ़ाने की सुविधा देता है। यह मॉडल पहले फूड और रिटेल फ्रेंचाइजिंग में इस्तेमाल किया गया है और अब मोबिलिटी एवं लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप्स में तेजी से अपनाया जा रहा है।
यह विस्तार ऐसे समय में आया है जब भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ते ईंधन मूल्य, FAME जैसी सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी, राज्य स्तरीय ईवी नीतियां और ऐप-आधारित डिलीवरी प्लेटफॉर्म के विस्तार ने मिलकर गिग वर्कर्स के बीच सस्ते और कम उत्सर्जन वाले वाहनों की मांग बढ़ाई है।
पिछले तीन वर्षों में भारत में टू-व्हीलर ईवी पंजीकरण में लगातार वृद्धि हुई है, जिसमें फ्लीट ऑपरेटर्स और रेंटल कंपनियां रिटेल उपभोक्ताओं के अलावा एक महत्वपूर्ण मांग वर्ग के रूप में उभरी हैं।
Bijliride का बिजनेस मॉडल फ्लीट मैनेजमेंट और प्लेटफॉर्म सेवाओं के बीच स्थित है। कंपनी के प्राथमिक ग्राहक फ्रेंचाइजी ऑपरेटर्स और एंटरप्राइज हैं, न कि व्यक्तिगत एंड-यूजर्स।
| विशेषता | विवरण |
| विस्तार अवधि | 12–18 महीने |
| लक्षित शहर | 25+ (चेन्नई, बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली एनसीआर सहित) |
| फ्रेंचाइजी पार्टनर्स | मार्च 2027 तक 30 |
| फ्लीट आकार (वर्तमान) | 4,000 वाहन |
| फ्लीट आकार (लक्षित) | 10,000–15,000 वाहन |
| प्रति फ्रेंचाइजी निवेश | ₹14–16 लाख (50 वाहनों के लिए) |
| ब्रेक-ईवन अवधि | 12–15 महीने |
| फ्रेंचाइजी मॉडल | FOFO (फ्रेंचाइजी ओन्ड–फ्रेंचाइजी ऑपरेटेड) |
अगर आप ईवी सेगमेंट में उद्यमी बनने की सोच रहे हैं, तो Bijliride का FOFO मॉडल एक आकर्षक विकल्प साबित हो सकता है।
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