भारत में दोपहिया वाहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ाने की योजना बनाई है। कंपनी राजस्थान के टपूकड़ा स्थित अपने प्लांट में तीसरी प्रोडक्शन लाइन स्थापित करेगी, जिससे सालाना उत्पादन क्षमता में 6.7 लाख यूनिट का इजाफा होगा। यह नई लाइन 2028 तक चालू होने की उम्मीद है, जिसके बाद टपूकड़ा प्लांट की कुल क्षमता बढ़कर 2.01 मिलियन यूनिट प्रति वर्ष हो जाएगी।
होंडा इस विस्तार पर करीब 1,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा, कंपनी प्लांट के पास करीब 73,700 वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण भी करेगी। यह कदम भारत में लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के प्रति कंपनी की साफ मंशा को दिखाता है। होंडा पहले से ही भारतीय बाजार में अपनी मजबूत पकड़ के लिए जानी जाती है और इस विस्तार से वह अपनी लीडरशिप को और मजबूत करना चाहती है।
नई प्रोडक्शन लाइन कई तरह के प्रोडक्ट्स को सपोर्ट करेगी। यहां 125cc और 160cc स्कूटर के साथ-साथ लाइट मोटरसाइकिल का उत्पादन किया जाएगा। यह फ्लेक्सिबल सेटअप होंडा को बदलती ग्राहक मांग के हिसाब से खुद को ढालने में मदद करेगा। इससे कंपनी बाजार के ट्रेंड्स पर तेजी से प्रतिक्रिया दे सकेगी। होंडा का फोकस कम्यूटर-फ्रेंडली व्हीकल्स पर बना हुआ है, जिसमें उसकी स्कूटर और मोटरसाइकिल पहले से ही शहरों और कस्बों में धड़ल्ले से चलती हैं।
टपूकड़ा प्लांट ने 2011 में 6 लाख यूनिट की क्षमता के साथ उत्पादन शुरू किया था। हालांकि, कंपनी ने एक साल के भीतर ही उत्पादन क्षमता को दोगुना कर दिया था। हाल के वर्षों में, Honda ने इस प्लांट की एफिशिएंसी में सुधार किया है। 2023 से, कंपनी ने बेहतर मशीनिंग प्रोसेस पेश किए हैं, जिससे क्षमता बढ़कर लगभग 1.3 मिलियन यूनिट हो गई है। कंपनी वित्त वर्ष 2027 तक इसे बढ़ाकर 1.34 मिलियन यूनिट करने की योजना बना रही है, और उसके बाद नई लाइन इसमें और इजाफा करेगी।
इस विस्तार से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अनुमान है कि इस क्षेत्र में करीब 2,000 नई नौकरियां सृजित होंगी। इसके अलावा, बढ़ी हुई एक्टिविटी से स्थानीय व्यवसायों को भी फायदा हो सकता है। यह निवेश राजस्थान को मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
होंडा गुजरात के विथलपुर प्लांट में भी विस्तार कर रही है। वहां चौथी प्रोडक्शन लाइन 2027 तक तैयार हो जाएगी। फिलहाल, भारत में होंडा की कुल उत्पादन क्षमता 6.25 मिलियन यूनिट प्रति वर्ष है। कंपनी 2028 तक इसे बढ़ाकर 8 मिलियन यूनिट करने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
होंडा भारत में कोई नई कंपनी नहीं है। 2001 में स्थापित, कंपनी देश में अब तक 7 करोड़ से ज्यादा वाहनों का निर्माण कर चुकी है। इसका सबसे पॉपुलर स्कूटर होंडा एक्टिवा आज भी बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाले मॉडल्स में से एक है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसी हाई डिमांड के कारण कंपनी को अपनी क्षमता बढ़ाने की जरूरत पड़ रही है।
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