अगर आपकी बाइक पहले से कम माइलेज दे रही है, तो ज़रूरी नहीं कि उसे तुरंत सर्विस या किसी मॉडिफिकेशन की ज़रूरत हो। कई बार टायर प्रेशर, एयर फिल्टर, गियर बदलने का तरीका और राइडिंग स्टाइल जैसी छोटी बातें ही पेट्रोल की खपत बढ़ा देती हैं।

माइलेज सिर्फ इंजन या कंपनी के दावे पर निर्भर नहीं करता। सड़क की हालत, ट्रैफिक और बाइक की देखभाल का भी इसमें बड़ा हाथ होता है। अच्छी बात यह है कि बिना बाइक में कोई बदलाव कराए, सही देखभाल और समझदारी से चलाकर आप फ्यूल इकॉनमी बेहतर कर सकते हैं। अगर आप अपनी बाइक से बेहतर माइलेज चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान टिप्स को रोजाना की राइडिंग में शामिल कर सकते हैं।

टायर में हवा कम होने पर टायर सड़क पर ज़्यादा फैलकर चलता है, जिससे बाइक को आगे बढ़ने में ज़्यादा ज़ोर लगता है। इंजन को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है और पेट्रोल की खपत बढ़ जाती है। वहीं, हवा ज़रूरत से ज़्यादा होने पर भी राइडिंग और फ्यूल एफिशिएंसी पर असर पड़ सकता है। इसलिए टायर में उतनी ही हवा रखें, जितनी कंपनी ने बताई है।
इन बातों का ध्यान रखें:

इंजन को पेट्रोल जलाने के लिए हवा चाहिए होती है। एयर फिल्टर गंदा या जाम हो जाए, तो इंजन तक कम हवा पहुंचती है। इससे पेट्रोल ठीक से नहीं जल पाता, इंजन की परफॉर्मेंस घटती है और बाइक ज़्यादा पेट्रोल पी सकती है।
इन बातों का ध्यान रखें:
लाल बत्ती से निकलते समय या ट्रैफिक खुलते ही अचानक तेज़ एक्सीलरेशन करने से पेट्रोल ज़्यादा खर्च होता है। इसकी जगह बाइक को धीरे-धीरे रफ्तार दें और ज़रूरत के हिसाब से ही थ्रॉटल घुमाएं। शहर में रोज़ बाइक चलाने वालों के लिए यह आदत खासतौर पर फायदेमंद है।
इसके अलावा, सिग्नल पर इंजन चालू रखकर खड़े रहना या खाली खड़े-खड़े थ्रॉटल दबाकर रेविंग करना भी पेट्रोल की बर्बादी है।
इन बातों का ध्यान रखें:
खड़ी बाइक में बार-बार थ्रॉटल घुमाकर इंजन को रेव करने से बाइक एक कदम भी आगे नहीं बढ़ती, लेकिन पेट्रोल ज़रूर खर्च होता है। इसलिए ज़रूरत न हो, तो इंजन को रेव न करें।
इसी तरह ट्रैफिक में बार-बार तेज़ रफ्तार पकड़ना और फिर अचानक ब्रेक लगाना माइलेज के लिए सबसे खराब आदतों में से एक है। इससे इंजन पर फालतू ज़ोर पड़ता है और पेट्रोल बर्बाद होता है।
इन बातों का ध्यान रखें:

बाइक का इंजन जिस रफ्तार पर आराम से चल रहा हो, उसी के हिसाब से गियर का इस्तेमाल करें। बहुत कम रफ्तार पर हाई गियर लगाने से इंजन झटके खाने लगता है और उस पर ज़ोर पड़ता है। वहीं, ज़्यादा रफ्तार पर लो गियर में चलाने से इंजन ज़्यादा RPM पर घूमता है और पेट्रोल ज़्यादा खर्च होता है।
इसलिए सड़क और ट्रैफिक को देखकर सही समय पर गियर बदलें, ताकि इंजन को बेवजह ज़ोर न लगाना पड़े।
इन बातों का ध्यान रखें:

बाइक की नियमित सर्विसिंग माइलेज और इंजन की परफॉर्मेंस, दोनों के लिए ज़रूरी है। सर्विस में देरी होने पर माइलेज धीरे-धीरे गिर सकता है। इसलिए इंजन ऑयल, एयर फिल्टर, स्पार्क प्लग और दूसरे ज़रूरी पार्ट्स की जांच कंपनी के सर्विस शेड्यूल के अनुसार करवाएं।
इंजन ऑयल का सही होना भी उतना ही ज़रूरी है। पुराना या गलत ग्रेड का ऑयल इंजन के अंदर घर्षण बढ़ा देता है, जिससे इंजन की परफॉर्मेंस और फ्यूल इकॉनमी दोनों पर असर पड़ता है। अगर बाइक काफ़ी समय से सर्विस नहीं हुई है और माइलेज अचानक गिर गया है, तो सर्विस सेंटर पर जांच करवाना बेहतर रहेगा।
इन बातों का ध्यान रखें:

बाइक एक जगह खड़ी हो और इंजन चालू हो, तो एक कदम भी आगे बढ़े बिना पेट्रोल खर्च होता रहता है। इसलिए लंबे ट्रैफिक जाम में या ऐसी जगह, जहां बाइक कुछ देर आगे नहीं बढ़ने वाली, इंजन बंद कर देना फायदेमंद रहता है।
हालांकि, हर कुछ सेकंड में इंजन बंद और चालू करना भी ठीक नहीं है। इसलिए पहले ट्रैफिक का हाल देखें और तभी फैसला लें।
इन बातों का ध्यान रखें:

बाइक पर जितना ज़्यादा वजन होगा, इंजन को उसे खींचने में उतनी ही ज़्यादा ताकत लगानी पड़ेगी। इससे पेट्रोल ज़्यादा खर्च होता है और माइलेज कम हो सकता है। लगेज बॉक्स, मेटल गार्ड, एक्स्ट्रा एक्सेसरीज़ या लंबे समय से रखा भारी सामान, ये सब बाइक का वजन बढ़ाते हैं।
अगर आप रोज़ ऑफिस या कॉलेज के लिए बाइक चलाते हैं, तो उस पर सिर्फ़ ज़रूरी सामान ही रखें। लंबी यात्रा पर भी उतना ही सामान लें, जितने की सच में ज़रूरत हो।
इन बातों का ध्यान रखें:
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